हर क्रिकेट फैन तक आईपीएल पहुंचाना हमारा मकसदः नीता अंबानी – Wadia News

हर क्रिकेट फैन तक आईपीएल पहुंचाना हमारा मकसदः नीता अंबानी

देहरादून, ब्यूरो। आईपीएल मीडिया राइट्स की ई-नीलामी के बाद प्रतिक्रिया देते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज की डायरेक्टर नीता अंबानी ने कहा, ‘खेल हमारा मनोरंजन करते हैं, हमें प्रेरणा देते हैं और हमें एक साथ जोड़े रखते हैं। भारत व खेलों में क्रिकेट और क्रिकेट में आईपीएल बेहतरीन है। यही कारण है कि हमें इस शानदार खेल और इस अद्भुत लीग के साथ अपने जुड़ाव को और गहरा करने पर गर्व है। उन्होंने आगे कहा, ‘हमारा मिशन आईपीएल के शानदार अनुभव को हर क्रिकेट प्रेमी तक ले जाना है, चाहे वे देश या दुनिया के किसी भी हिस्से में हों।’
वायकॉम18 ने आईपीएल मीडिया राइट्स के डिजिटल मीडिया के लिए 20,500 करोड़ रुपये की सफल बोली लगाई. वायकॉम18 न केवल 2023 से 2027 यानी अगले 5 साल तक में प्रत्येक आईपीएल मैच की ऑनलाइन स्ट्रीमिंग करेगा बल्कि दुनिया भर की शीर्ष खेल लीगों का भी प्रसारण करेगा जिसमें एनबीए और ला लीगा शामिल हैं. वैश्विक स्तर पर वायकॉम18 ने प्रमुख क्रिकेट देशों सहित 5 अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में से 3 लओएफ) और लैंडस्लाइड लेक आउटबर्स्ट फ्लड (एलएलओएफ) हिमालयी क्षेत्रों में आपदाएं विषय पर एक राष्ट्रीय हाइब्रिड संगोष्ठी का आयोजन आईआईटी रुड़की के अलावा वेबएक्स के माध्यम से ऑनलाइन भी कर रहे हैं। संगोष्ठी हिमनद और भूस्खलन झील के फटने के कारण बाढ़ से संबंधित खतरों के साथ इसके मानचित्रण और मॉडलिंग के लिए मानक कोड के विकास से संबंधित वर्तमान मुद्दों तथा इससे जुड़े वैज्ञानिक समुदाय के विभिन्न समूहों के बीच विचारों और ज्ञान के आदान-प्रदान के अवसर के रूप में कार्य करेगी। इसकी परिकल्पना बेहतर डॉक्युमेंट्स बनाने, अद्यतन (अपडेट) करने और संबंधित क्षेत्र में नए भारतीय मानकों को तैयार करने में मदद करने के लिए की गई है, जो नवाचार, विकास और सर्वोत्तम प्रथाओं के संचार को आगे बढ़ाने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।
 संजय पंत, उप महानिदेशक (मानकीकरण-द्वितीय), बीआईएस ने कहा, ष्भारतीय हिमालयी क्षेत्र हिमनदों के पतले होने के कारण ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) की चपेट में आते हैं, जिसके परिणामस्वरूप झीलें बहुत तेज गति से बढ़ रही हैं।   सम्मेलन मॉडलिंग दृष्टिकोण को एकीकृत करना है, जिससे जीएलओएफ ट्रिगरिंग, प्रभावित डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों की मात्रा का ठहराव, और इस तरह की जलवायु से संबंधित आपदाओं के लिए अंतर्निहित सामाजिक भेद्यता के आंकलन के लिए वर्तमान और भविष्य दोनों की क्षमता कैप्चर हो सके।ष्’’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *