कीर्तिनगर ब्यूरो- क्षेत्र के अलकनंदा तट की त्रिवेणी पर स्थित पौराणिक सिद्धपीठ ढुंड प्रयाग मंदिर को पर्वतगिरि जी महाराज के रूप में नया महंत मिला है। हरिद्वार स्थित जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर वीरेंद्र गिरि टीम और छड़ी के साथ सिद्धपीठ पहुंचे। यहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार पर्वतगिरि महाराज को मंदिर का उत्तराधिकारी घोषित किया गया। इसके बाद विधि-विधान से उनका पट्टाभिषेक किया गया।पट्टाभिषेक की प्रक्रिया संपन्न होने के साथ ही पर्वतगिरि महाराज को मंदिर की संपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी गई। इस नियुक्ति के साथ अब सिद्धपीठ की धार्मिक परंपराओं के निर्वहन और मंदिर की व्यवस्थाओं के संचालन का दायित्व उनके पास रहेगा। ढुंड प्रयाग को क्षेत्र के प्राचीन धार्मिक स्थलों में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। ऐसे में मंदिर के महंत के रूप में पर्वतगिरि महाराज की नियुक्ति को सिद्धपीठ की परंपराओं को आगे बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पट्टाभिषेक की प्रक्रिया संपन्न होने के साथ ही पर्वतगिरि महाराज को मंदिर की संपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी गई। इस नियुक्ति के साथ अब सिद्धपीठ की धार्मिक परंपराओं के निर्वहन और मंदिर की व्यवस्थाओं के संचालन का दायित्व उनके पास रहेगा। ढुंड प्रयाग को क्षेत्र के प्राचीन धार्मिक स्थलों में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। ऐसे में मंदिर के महंत के रूप में पर्वतगिरि महाराज की नियुक्ति को सिद्धपीठ की परंपराओं को आगे बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।