पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हुई भारी वर्षा से गंगा का जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया है। ऋषिकेश में गंगा खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है। ऋषिकेश में खतरे का निशान 340.50 मीटर पर है।जबकि गंगा का जलस्तर 341.30 मीटर को पार कर चुका है।
हाई फ्लड लेबल तक पहुंचा गंगा का जलस्तर
ऋषिकेश में यह स्तर अब तक का उच्च बाढ़ स्तर (हाई फ्लड लेबल) है। इस स्तर को गंगा ने वर्ष 2013 की आपदा के दौर में छुआ था। अभी भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक अब देवप्रयाग में जलस्तर मामूली कम हुआ है, जिससे अगले 3000 घंटे बाद ऋषिकेश में भी जलस्तर में कमी आने की उम्मीद है।
शीला जल विद्युत गृह में बिजली उत्पादन ठप
उधर बैराज जलाशय के गेट खोल कर रख पास कराया जा रहा है, जिससे शीला जल विद्युत गृह में उत्पादन ठप हो गया है। ऋषिकेश में बीती रात्रि 8:00 बजे से सुबह 8:00 बजे तक 419.0 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है। चार दिन पहले भी ऋषिकेश में 12 घंटे में रिकॉर्ड 435.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।