स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मचारी ने रिटायर्ड सीएमओ और लिपिक पर छेड़छाड़ और उत्पीड़न के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। यह मुकदमा सीजेएम कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग की एक महिला कर्मचारी ने सीजेएम कोर्ट एक प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें बताया कि उसका पति से कोर्ट में तलाक का विवाद चल रहा है।महिला कर्मचारी के मुताबिक पति के साथ चल रहे विवाद की उनके विभाग के तत्कालीन सीएमओ डॉ. कुमार खगेंद्र को भी थी। बताया कि वर्ष 2021 में वह भगवानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात थी। 24 दिसंबर 2021 को भगवानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तत्कालीन सीएमओ कुमार खगेंद्र आए। उन्होंने कमरे में बात करने के बहाने से उन्हें बुलाया। आरोप है कि यहां पर तत्कालीन सीएमओ ने उसके साथ छेड़छाड़ की और संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया। जब उसने इन्कार किया तो उसे धमकी दी कि उसे नौकरी करनी भुला देंगे। इस संबंध में अगले दिन भगवानपुर थाने में तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़िता के मुताबिक इसके बाद से उनका उत्पीड़न शुरू हो गया। तत्कालीन सीएमओ ने उनका रुड़की तबादला कर दिया। इसके बाद वह 19 जून 2022 को तत्कालीन सीएमओ से मिलने के लिए गई तो उन्हें करीब ढाई घंटे इंतजार कराया। जब वह मिलने के लिए पहुंची तो उन्हें बुरी तरह से धमकाया गया। इसके बाद फिर से उन्हें भगवानपुर सामुदायिक स्वास्थय केंद्र भेज दिया गया। आरोप लगाया कि इसके बाद फिर से स्वास्थ्य केंद्र के तत्कालीन लिपिक विनोद कुमार ने उनका तबादला किए जाने के आदेश की जानकारी दी। साथ ही, 20 जून 2022 को उन पर सुलह करने का दबाव बनाया। जब इन्कार किया तो उनका उत्पीड़न किया गया।
पीड़िता के मुताबिक उन्होंने फिर से भगवानपुर थाने में तहरीर दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। पीड़िता के मुताबिक लगातार उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया। जिसके बाद पीड़िता ने कोर्ट से गुहार लगाई। भगवानपुर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथान ने बताया कि पुलिस कोर्ट के आदेश पर रिटायर्ड सीएमओ कुमार खगेंद्र पर छेड़छाड़ और भगवानपुर सीएचसी में तैनात लिपिक विनोद कुमार पर सुलह के लिए दबाव बनाने और परेशान करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।