उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। चार धाम यात्रा 2023 की शुरुआत होते ही बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री सहित चारों धामों में एमपी, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर सहित देश के अन्य राज्यों से तीर्थ यात्री भारी संख्या में दर्शन करने को पहुंच रहे हैं।
चिंता की बात है कि चार धाम यात्रा रूट पर सड़क हादसों में तीर्थ यात्रियों की मौतें भी हो रहीं हैं। तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी सरकार ने धासूं प्लान बनाया है। प्राइवेट कार, टैक्सियां- बसों के ड्राइवरों द्वारा लापरवाही करने पर अब सख्ती होने जा रही है।
यात्रा रूट लापरवाही करने पर गाड़ियां सीज भी हो सकती हैं। चारधाम यात्रा मार्ग पर यातायात सुरक्षा के मेगाप्लॉन पर काम शुरू हो गया है। चारों धामों के रूट पर चलने वाला हर गाड़ियों पर हर पल हाईटेक कैमरों की नजर रहेगी। यातायात नियमों के उल्लंघन पर फौरन सख्त से सख्त कार्रवाई भी होगी।
यदि कभी कोई हादसा होता है तो प्रभावितों की मदद के लिए 15 मिनट में घटनास्थल पर एंबुलेंस भी पहुंच जाएगी। यह सब मुमकिन होने जा रहा है चारधाम महामार्ग इंसीडेंट रिस्पांस मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमआईआरएमएस) की बदौलत।
बाकी रूटों पर 45 कैमरे और लगेंगे: संयुक्त परिवहन आयुक्त के अनुसार वर्तमान में राज्य में 10 विभिन्न स्थानों पर एनपीआर कैमरों के जरिए यातायात पर नजर रखी जा रही है। अगले चरण में प्रदेश के 45 और स्थानों पर एनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे। इससे पूरे प्रदेश के सभी प्रमुख रूट एनपीआर कैमरों से जुड़ जाएंगे। इनकी सहायता से यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकना आसान हो जाएगा।
चारधाम रूट पर एंबुलेंस की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। राज्य की वर्तमान में संचालित एंबुलेंस के साथ ही कम से कम 50 और एंबुलेंस इन मार्गों पर तैनात करने की तैयारी है। इन एंबुलेंस को इस प्रकार तैनात किया जाएगा, जिससे कि वो एक तय दायरे की दूरी को अधिकतम 15 मिनट में कवर कर लें।
170 हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे
हर साल लाखों तीर्थयात्री चार धाम के दर्शन के लिए उत्तराखंड आते हैं। इस मार्ग पर हादसों को कम करने के लिए मेगाप्लॉन बनाया गया है। इसके तहत चारधाम यात्रा मार्ग पर 170 एनपीआर कैमरे लगाए जाने हैं। ये कैमरे नंबर प्लेट को स्कैन कर वाहन की पूरी जानकारी चुटकियों में ले लेते हैं। साथ ही 300 सीसीटीवी कैमरे भी इस रूट पर लगेंगे।