नैनीताल में घटघड़ में दुर्घटनाग्रस्त हुई बस में हरियाणा के हिसार जिले के कुछ शिक्षिकाओं के साथ उनके बच्चे भी थे। बस के खाई में गिरते ही चीख-पुकार मची तो सबसे पहले शिक्षिकाओं ने बच्चों का हाथ थामा और उन्हें सुरक्षित करने का प्रयास किया। वहीं खिड़कियां खुली होने की वजह से कुछ शिक्षिकाएं बाहर गिरती चली गईं।
अस्पताल में भर्ती घायल शिक्षिकाओं ने आंखों देखी बताई तो उनके भी आंसू निकल आए। हादसे की जानकारी देते हुए आवाज भी कंपकंपा रही थी। इमरजेंसी वार्ड के बेड तीन पर भर्ती शिक्षिका अंजलि की हालत बेहद गंभीर थी। उनका दाहिना हाथ फ्रेक्चर हो चुका था। अंजलि ने बताया कि उनके साथ बस में बच्चे भी थे। जब बस का गिरना शुरू हुआ तो बच्चों की चीख पर ध्यान गया।
उन्होंने तुरंत बच्चों को कस कर पकड़ लिया। हालांकि इस दौरान उनके शरीर में कई जगहों पर चोटें आईं। शिक्षिका सोफिया ने बताया कि रविवार को नैनीताल पहुंचने के बाद सभी लोग थक चुके थे। फिर भी टूर की खुशी और नैनीताल की यादों ने उन्हें बस में बातचीत और चर्चा करने पर मजबूर कर दिया था। हंसी खुशी के माहौल में सभी एक-दूसरे से बातचीत में लगे थे कि तभी अचानक झटका लगा और अगले ही पल बस खाई में गिरती दिखी।
पत्थरों से टकराने की वजह से बस की आपातकालीन खिड़की व अन्य खिड़कियों के शीशे टूट गए। एक-एक कर कई लोग खिड़कियों से बाहर गिरते चले गए। वह खुद भी उनमें से एक थीं। बेहोशी के कुछ देर बाद आंख खुली तो खुद को अस्पताल में पाया।
शिक्षिका करीना ने बताया कि वह बस के साथ नीचे खाई में गिरी थीं। वह लोगों के नीचे दबी हुई थीं इसलिए ज्यादा गहरी चोट नहीं लगी। फिर भी बेहोशी से उनकी आंखें बंद हो रही थीं। हल्के होश में आने पर लोगों की बचाओ और निकालो की आवाज सुनाई दे रही थी।
भाभी की तबीयत कैसी है सब ठीक तो है न….
हिसार के पातन निवासी शिक्षिका विनीता और उनकी भतीजी भी स्कूल टूर पर नैनीताल आई थीं। दुर्घटना की सूचना जैसे ही हिसार तक पहुंची तो टूर पर आए लोगों के परिवार वालों में कोहराम मचा हुआ था। इसी दौरान के देवर सुनिल ने किसी तरह एटीएच प्रशासन के कर्मचारी का नंबर तलाश कर उन्हें फोन किया और कॉल रिसीव होते ही विनीता के हालचाल लिए।
चूंकि उस समय तक सभी घायल हल्द्वानी एसटीएच नहीं पहुंच पाए थे तो अस्पताल प्रशासन को भी शिक्षिका के बारे में जानकारी नहीं थी। कर्मचारी ने उन्हें हिम्मत बंधाते हुए जल्द जानकारी मुहैया कराने का आश्वासन दिया।
ब्रेक फेल खाई में गिरी बस, मची चीख-पुकार
नैनीताल के कालाढूंगी के घटघड़ में ब्रेक फेल होने की वजह से दर्दनाक हादसा हुआ। चालक कपिल की मानें तो अचानक बस के ब्रेक का प्रेशर खत्म हो गया। बस की रफ्तार कम करने के लिए उन्होंने गेयर कम कर हैंड ब्रेक लगाना चाहा, लेकिन उसने भी काम नहीं किया। काफी प्रयास के बाद भी अनियंत्रित बस को काबू नहीं कर सके।
हिसार हरियाणा निवासी कपिल ने बताया कि उसके साथ परिचालक गोगन और हेल्पर व्रत सिंह भी थे। वह हिसार के आर्य नगर स्थित मानव स्कूल के 32 लोगों के दल को लेकर नैनीताल आए थे। इनमें स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं और दो-तीन बच्चे भी थे। शुक्रवार शाम सभी लोग 730 बजे हरियाणा से निकले थे। वहीं रविवार शाम 530 बजे नैनीताल से वापस लौट रहे थे।
शाम करीब साढ़े छह बजे बस का ब्रेक फेल हुआ और बस खाई में जा गिरी। तीन स्थानों से एसडीआरएफ की टीमें पहुंची हादसे की सूचना पर एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत के निर्देशानुसार रुद्रपुर, नैनीताल व खैरना में तैनात टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
टीम ने मौके पर पहुंचकर अन्य बचाव इकाइयों व स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाते हुए बस में सवार लोगों को बाहर निकाल अस्पताल पहुंचाया। कालाढूंगी हादसे में मृतकों की पहचान हरियाणा के हिसार निवासी मनमीत (07), चालक रामेश्वर (50), पुष्पा (27), संगीता (35), ज्योति (22), पूनम (25) और रवींद्र (38) के रूप में हुई है।
घायलों के नाम
सोनाली उम्र 26 वर्ष निवासी हिसार
पूजा उम्र 26 पुत्री लीलू राम
मोनिका उम्र-31 पत्नी प्रवीण
मुस्कान उम्र-21 वर्ष पुत्री सुभाष
कमलप्रीत कौर उम्र 13 वर्ष
इशिता वर्ष उम्र 5 वर्ष
विनीता 28 वर्ष निवासी
सोनिया 26 वर्ष निवासी
अमरजीत उम्र 31 वर्ष हिसार
रोमिला 59 वर्ष हिसार ा
रोगन सिंह उम्र 34 वर्ष
प्रियंका 32 वर्ष हिसार
सुनीता 34 वर्ष हिसार
अभिषेक पुत्र निलुराम
शिवेंद्र कौर उम्र 40 वर्ष
कपिल पुत्र हवा सिंह उम्र 36 वर्ष
उर्मिला 35 वर्ष हिसार
करीना पुत्र प्रेम कुमार उम्र 23 वर्ष
सुमन उम्र 42 निवासी हिसार
अंजली उम्र- 41 साल
भरत सिंह उम्र- 37 वर्ष
हरियाणा के पर्यटकों की बस नैनीताल से कालाढूंगी की तरफ आते हुए दुर्घटनाग्रस्त हुई है। जिलाधिकारी और एसएसपी से दूरभाष पर वार्ता की और रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी जानकारी ली गई है। एसडीआरएफ और पुलिस प्रशासन मदद में जुटे हुए हैं।
अजय भट्ट, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य व चिकित्सा अधीक्षक से घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली है। अगर किसी को हायर सेंटर रेफर करने की जरूरत महसूस होती है तो करीब दो घंटा पहले प्रशासन को सूचना देने के लिए कहा गया है।